छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बड़ा बढ़ावा

  • परियोजनाओं की समयसीमा 24 से बढ़ाकर 36 महीने की गई
    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए सौर ऊर्जा नीति 2017-2027 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। राज्य में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने परियोजनाओं की समयसीमा 24 महीने से बढ़ाकर 36 महीने कर दी है।इसके साथ ही सौर ऊर्जा परियोजनाओं को औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2024-30 के तहत कोर सेक्टर उद्योगों के समान लाभ दिए जाएंगे।


इस संशोधन से सौर ऊर्जा परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी और राज्य में निवेशकों की रुचि बढ़ेगी। साथ ही, संयंत्र की स्वयं की खपत व राज्य के भीतर की गई कैप्टिव खपत पर विद्युत शुल्क से छूट मिलने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देश 2030 तक 500 गीगावॉट अपरंपरागत ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की यह नीति संशोधन उस राष्ट्रीय लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा। ऊर्जा विभाग का कहना है कि इससे सौर ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलेगी और राज्य में रोजगार व निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।


क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी और सीईओ राजेश सिंह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस संशोधन से छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य की भागीदारी बढ़ेगी।


राज्य सरकार का यह कदम अक्षय ऊर्जा को लेकर नई पहल है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आगामी समय में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

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