- 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन, दूसरे दिन भी सभी विभागों की पूर्ण भागीदारी, सरकार पर बढ़ा दबाव
Raipur @ छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों का आक्रोश अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ संचालनालयीन (विभागाध्यक्ष) शासकीय कर्मचारी संघ, इंद्रावती भवन नवा रायपुर के नेतृत्व में “मोदी की गारंटी लागू करो” के समर्थन में प्रदेशव्यापी आंदोलन जारी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर 29 से 31 दिसंबर 2025 तक चल रहे इस आंदोलन ने दूसरे दिन भी नया रायपुर के प्रशासनिक गलियारों को पूरी तरह ठप कर दिया।

इंद्रावती भवन बना आंदोलन का केंद्र
इंद्रावती भवन स्थित सभी विभागों ने एकजुटता दिखाते हुए शत-प्रतिशत बंद को सफल बनाया। पहले दिन के बाद दूसरे दिन भी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी लंबित मांगों पर ठोस फैसला नहीं होगा, तब तक आंदोलन की आवाज और तेज होगी।
दो साल बाद भी अधूरी ‘गारंटी’, इसलिए उबाल
संघ के अध्यक्ष जय कुमार साहू ने कहा कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को दो साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं किया गया है। इससे अधिकारी-कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। 11 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण कर्मचारी अब सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।

एकता ने बनाया आंदोलन को ताकत
इस आंदोलन को सफल बनाने में संजय सिंह, जगदीप बजाज, कुमार वर्मा, मुकेश ध्रुव, नितिन आठनकर, लोकेश वर्मा, अनिमेष टंडन, विनय देवांगन, अमित शर्मा, राजकुमार सोंधिया, वृनिशा लकड़ा, वैभव साहू, अजय देशमुख, अभिजीत तिवारी, डिकेंद्र खुटे, रोहित ध्रुव, योगेश निषाद, जयमंगल पटेल, मृनाल यादव, नेतराम दीवान, हेमलाल देवांगन, हेमप्रसाद गायकवाड़, सुरेश ढीढी, लवलीन, टाकेश कुमार, कुमार यादव, अंकित लकड़ा, संतोष दुबे, भंवर देवांगन, सचिन, ज्योति सूर्यवंशी, नम्रता भूमरकार, गुड़िया रानी, तेजस्वी देवांगन सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।

अब निगाहें सरकार के फैसले पर
कर्मचारियों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ चेतावनी है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। इंद्रावती भवन से उठी यह आवाज अब पूरे प्रदेश में गूंज रही है।
