11 सूत्रीय मांगों को लेकर इंद्रावती भवन में रणनीतिक बैठक, 22 अगस्त को होगा सामूहिक अवकाश

रायपुर @ इंद्रावती भवन में 12 अगस्त को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की ओर से 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में एक अहम बैठक हुई। दोपहर 1 बजे शुरू हुई इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न संगठनों के प्रांताध्यक्ष और पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा किए और आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति पर चर्चा की।

छत्तीसगढ़ संचालनालय (विभागाध्यक्ष) शासकीय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जय कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि 22 अगस्त को सभी कर्मचारी एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर द्वितीय चरण के आंदोलन को मजबूती देंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल छुट्टी नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का दिन होगा।

छत्तीसगढ़ लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि लिपिक वेतनमान सुधार को लेकर अलग से एक महा आंदोलन प्रस्तावित है और इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। उनका कहना था कि वेतनमान सुधार के बिना कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकती, इसलिए यह लड़ाई जरूरी है।

महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष जगदीप बजाज ने कमल वर्मा से आग्रह किया कि मंत्रालय भत्ता की तरह संचालनालयीन भत्ता की मांग को भी 11 सूत्रीय मांगों में जोड़ा जाए। इस प्रस्ताव का उपस्थित सदस्यों ने समर्थन किया।

बैठक में यह तय किया गया कि 18 अगस्त से सभी विभागीय अध्यक्ष अपने-अपने विभागों में एक दिवसीय अवकाश के आवेदन भरवाना शुरू करेंगे, ताकि 22 अगस्त को आंदोलन में अधिकतम संख्या में कर्मचारी शामिल हो सकें।

नेताओं ने कहा कि फेडरेशन का अब तक का इतिहास गवाह है कि जब-जब आंदोलन हुआ है, कर्मचारियों को आर्थिक और नीतिगत लाभ मिला है। यह संगठन प्रदेश में सबसे मजबूत कर्मचारी संगठन बन चुका है और इसकी ताकत संगठित प्रयासों का नतीजा है।

सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि यह आंदोलन कर्मचारियों का हक पाने की लड़ाई है और इसमें हर कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। “एकता में ताकत” के नारे के साथ बैठक का समापन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *