- कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों पर सरकार से आरपार की लड़ाई, सामूहिक अवकाश लेकर कलम छोड़ेंगे हजारों अधिकारी-कर्मचारी
रायपुर। धमतरी में सरकारी तंत्र हिलने वाला है! छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने बड़ा एलान करते हुए चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो 22 अगस्त को पूरे जिले में सरकारी कामकाज ठप कर दिया जाएगा। गांधी मैदान धमतरी में हजारों कर्मचारी एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारा बुलंद करेंगे। यह केवल धरना नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम को चेतावनी देने का ऐलान है – अब नहीं तो कभी नहीं!

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, जिला धमतरी की एक महत्वपूर्ण बैठक 7 अगस्त को कर्मचारी भवन में आयोजित की गई, जो एक बड़े आंदोलन की भूमिका बन गई। इस बैठक में प्रदेश स्तर के पदाधिकारी और जिले के सभी प्रमुख कर्मचारी नेता शामिल हुए और यह तय किया गया कि अब सिर्फ ज्ञापन या अनुरोध से बात नहीं बनेगी – अब सड़कों पर उतरकर अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
बैठक में साफ कहा गया कि 22 अगस्त को सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एकजुट होकर गांधी मैदान धमतरी में कामबंद-कलमबंद हड़ताल करेंगे। कोई कार्यालय खुलेगा नहीं, कोई फाइल आगे बढ़ेगी नहीं – पूरा सरकारी सिस्टम उस दिन ठप होगा। यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि कर्मचारियों की ताकत का प्रदर्शन होगा।

क्या हैं मांगें जिनसे मचा है बवाल
बैठक में जिन 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया गया, वे सभी कर्मचारियों के लंबे समय से अटके मुद्दे हैं:
- केंद्र के समान महंगाई भत्ता तत्काल लागू किया जाए और बकाया एरियर दिया जाए
- अर्जित अवकाश की सीमा 240 से बढ़ाकर 300 दिन की जाए
- एलबी संवर्ग की सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए
- चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू किया जाए
- 25 वर्षों की सेवा पर पूर्ण पेंशन का अधिकार मिले
- पिंगुआ समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए
- कर्मचारियों को पदोन्नति में भेदभाव से मुक्त किया जाए
- संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए
- अनुकंपा नियुक्तियों में समयसीमा समाप्त की जाए
- महिला कर्मचारियों को विशेष सुविधाएं दी जाएं
- संवर्गीय भेदभाव समाप्त करते हुए समान वेतन-सुविधा लागू हो

बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ:
इस महत्वपूर्ण बैठक में चंद्रशेखर तिवारी, जयकुमार साहू, संतोष वर्मा, जगदीप बजाज, लोकेश वर्मा के अलावा जिलेभर के ब्लॉक संयोजक और सैकड़ों कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हुए।
क्या कहा नेताओं ने:
बैठक में मौजूद सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा – अब और इंतज़ार नहीं। बार-बार ज्ञापन देने और मांगें रखने के बावजूद सरकार चुप है। अब वक्त आ गया है कि कर्मचारी सड़कों पर उतरें और एकजुट होकर सरकार को दिखा दें कि अगर हम चाहें तो पूरा सिस्टम रुक सकता है।
प्रमुख उपस्थितियों में राजेंद्र चंद्राकर, कृपा शंकर मिश्रा, चंदू चंद्राकर, एन आर टंडन, अमित महोबे, ममता खालसा, दीपचंद भारती, सुरेंद्र कुमार साहू, विकास कुमार साहू, अजय पांडेय, प्रवीण टिकरिया, एल के उपाध्याय, जुगल किशोर साहू, महेंद्र साहू, कीर्तन साहू, हरीश सिन्हा, राजेश मिश्रा, अशोक निर्मलकर, नंदकिशोर साहू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।

22 अगस्त को कैसा रहेगा माहौल:
22 अगस्त को गांधी मैदान धमतरी में एक विशाल प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। हर विभाग, हर ब्लॉक से कर्मचारी पहुंचेगा। पूरा गांधी मैदान नारों से गूंजेगा। हजारों कर्मचारी सरकार से अपनी 11 सूत्रीय मांगों को पूरा करवाने के लिए एकजुट होंगे।
जिला प्रवक्ता खुमान सिंह ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि यह हड़ताल कर्मचारियों की एकता और अधिकारों के लिए निर्णायक कदम है। अगर सरकार अब भी नहीं जागी तो आगे और भी बड़ा आंदोलन होगा।
