- मुख्यालय इंद्रावती भवन में जुटेंगे कर्मचारी, ‘मोदी की गारंटी’ लागू करने की मांग
रायपुर @ संचालनालय विभागाध्यक्ष कर्मचारी संघ ने 16 जुलाई 2025 को इंद्रावती भवन परिसर में सांकेतिक धरने का ऐलान किया है। यह धरना छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है। धरने के माध्यम से संघ केंद्र सरकार की मोदी की गारंटी के अनुरूप 11 सूत्रीय मांगों को लागू करने की मांग करेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

इस संबंध में सोमवार को संघ की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई और सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

बैठक में आंदोलन की तैयारी को लेकर कई पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आंदोलन में शामिल होने वाले प्रमुख पदाधिकारियों में कार्यकारी अध्यक्ष, महासचिव, उपाध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष, संयुक्त सचिव, संगठन सचिव, कोषाध्यक्ष, खेल सचिव सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी साथी उपस्थित रहे। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं। केंद्र सरकार द्वारा घोषित गारंटी योजनाएं राज्य में लागू नहीं हो रही हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष है। धरने के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

मुख्य मांगें:
धरने के केंद्र में 11 प्रमुख मांगें होंगी, जिनमें केंद्रीय वेतनमान, पदोन्नति, नियमितीकरण, भत्तों में वृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं। संघ ने सभी संचालनालय कर्मचारियों से 16 जुलाई को इंद्रावती भवन पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।बैठक में उपस्थित कर्मचारी:
जय कुमार साहू, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, कुमार वर्मा, जगदीप बजाज, सोनाली छिड़कें, लोकेश वर्मा, सुरेंद्र मारकंडे, चंद्रशेखर साहू, महेंद्र साहू, राजकुमार सौधिया, योगेश निषाद, अमित शर्मा, अजय देशमुख, देवाशीष दास, मनोज सिन्हा, चंद्रकांत जायसवाल, तीजराम वर्मा, अंकित रठिया, चेतन साहू, बजरंगी प्रजापति, त्रिदेव कुमार औया, रमेश टंडन।
