मोदी की गारंटी” का हवाला देकर कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, इंद्रावती भवन में गूंजा आक्रोश

रायपुर @ छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर के इंद्रावती भवन में मंगलवार को कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। “मोदी की गारंटी लागू करो” के नारों के बीच दो वर्षों से सरकार से आशा लगाए बैठे सैकड़ों संचालयीन कर्मचारी सड़क पर उतर आए। यह प्रदर्शन केवल एक सांकेतिक हड़ताल थी, लेकिन इसके जरिए कर्मचारियों ने सरकार को बड़ा संदेश दे दिया कि अब सिर्फ वादे नहीं, काम चाहिए।

इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का नेतृत्व मिला, जिसमें 11 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। खासकर महंगाई भत्ते में भेदभाव, पूर्व के एरियर्स का भुगतान, और वर्षों से काम कर रहे अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दे केंद्र में हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले जो “गारंटी” दी थी, वह अब सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गई है।

इंद्रावती भवन के गेट नंबर 3 पर हुए इस पहले चरण के विरोध प्रदर्शन में कई विभागों के कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। अध्यक्ष जय कुमार साहू, संरक्षक रामसागर कौशले, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष जगदीप बजाज समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने कर्मचारियों की पीड़ा को खुले मंच से साझा किया।

नवा रायपुर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक संतोष वर्मा और उपसंयोजक बजरंग प्रजापति ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में दूसरा चरण और भी उग्र रूप में सामने आएगा। इस सांकेतिक हड़ताल ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आक्रोश एक बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन बन सकता है।

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