उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में कैमरे में कैद हुआ बाघ, जंगल में बना रहा है डेरा

  • जलस्रोतों और शाकाहारी वन्यजीवों की उपलब्धता ने बाघ को रोका, थर्मल ड्रोन से हो रही निगरानी, ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक : उपनिदेशक वरुण जैन

दिनेश यदु @ Raipur :उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में 24 मई 2025 को लगाए गए ट्रैप कैमरे में एक बाघ की तस्वीर स्पष्ट रूप से कैद हुई है। इस महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि करते हुए उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि अप्रैल माह में बाघ के पैरों के निशान मिलने के बाद से ही वन विभाग की टीम उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही थी। अब तस्वीर सामने आने के बाद यह साबित हो गया है कि बाघ गर्मी के मौसम में भी इसी रिजर्व में सक्रिय है।

उपनिदेशक वरुण जैन ने कहा, “हमने बाघ की तस्वीरें राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के टाइगर सेल को भेज दी हैं। वहां विशेषज्ञ हमारी टीम द्वारा भेजी गई तस्वीरों का विश्लेषण कर यह जानने की कोशिश करेंगे कि यह बाघ पहले से किसी अन्य टाइगर रिजर्व में दर्ज है या नया आगंतुक है। इससे पहले अक्टूबर 2022 में भी कैमरे में कैद एक बाघ तेलंगाना के कवल टाइगर रिजर्व से आया पाया गया था।”

वन्यजीवों की संख्या बढ़ी, जलस्रोत बने मजबूत आधार

उपनिदेशक ने बताया कि इस वर्ष की वन्यजीव गणना और ट्रैप कैमरों से मिली रिपोर्ट्स में रिजर्व क्षेत्र में शाकाहारी प्रजातियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। उन्होंने कहा, “बाघ जैसे शिकारी प्राणी वहीं टिकते हैं जहां उन्हें भोजन और पानी दोनों मिलें। रिजर्व में कई तालाबों का निर्माण और मृदा-नमी संरक्षण कार्य हुए हैं, जिससे जल संकट नहीं है। यही वजह है कि बाघ यहां रुक रहा है।”

ग्रामीणों को कर रहे जागरूक, बाघ की टेरिटरी चिह्नित करने की प्रक्रिया जारी

बाघ की गतिविधियों को और बेहतर ढंग से समझने के लिए वन विभाग की ट्रैकिंग टीम साइन सर्वे और जीआईएस तकनीक की मदद से बाघ के टेरिटरी क्षेत्र की पहचान कर रही है। वरुण जैन ने बताया, “हम गांवों में जाकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। ग्रामीणों को बाघ से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है और ऐसे क्षेत्रों को सैनीटाइज किया जा रहा है जहां बाघ की मौजूदगी ज्यादा देखी गई है।”

थर्मल ड्रोन से हो रही रात में निगरानी, अवैध शिकार पर कड़ी कार्रवाई

बाघ की सुरक्षा और रिजर्व क्षेत्र को शिकारियों से सुरक्षित रखने के लिए रात के समय थर्मल ड्रोन तैनात किए गए हैं। उपनिदेशक ने बताया, “24 मई की सुबह हमारी एंटी-पोचिंग स्क्वाड ने मॉनीटर लिजार्ड का शिकार करते हुए एक व्यक्ति को पकड़ा और गिरफ्तार किया। हम पूरी मुस्तैदी से जंगल की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके।”

मवेशियों के नुकसान पर तेजी से मुआवजा दिया जा रहा

मानव-पशु संघर्ष को रोकने के प्रयासों पर बात करते हुए वरुण जैन ने कहा, “अगर बाघ द्वारा मवेशियों को नुकसान पहुंचता है, तो प्रभावित ग्रामीणों को शीघ्र मुआवजा दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके और बाघों की उपस्थिति को लेकर किसी भी प्रकार का तनाव ना बने।”

संक्षेप में उपनिदेशक का संदेश:

“उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघ की मौजूदगी हमारे लिए गर्व की बात है। यह रिजर्व की जैव विविधता और प्रबंधन की सफलता को दर्शाता है। हम बाघ को सुरक्षित आवास देने और स्थानीय समुदाय के सहयोग से संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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