- मनियारी और पथरिया जलाशय परियोजनाओं पर कई सालों से काम अधूरा
रायपुर @ छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्षों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और बिलासपुर जिलों की विकास योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान मनियारी जलाशय और पथरिया जलाशय परियोजनाओं की प्रगति न होने पर गहरी नाराजगी जताई गई। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर. के. मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
सालों से अटकी दो बड़ी योजनाएं
बैठक में पता चला कि मनियारी और पथरिया जलाशय परियोजनाओं पर कई सालों से काम अधूरा है। अगर ये योजनाएं पूरी होतीं, तो सैकड़ों किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती। लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण किसानों को आज भी बारिश पर निर्भर रहना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री की चेतावनी – अब जवाबदेही तय होगी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि जो भी अधिकारी योजनाओं को लटकाएंगे, उनकी व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए बनाई गई योजनाओं को लेकर अब किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि समय-सीमा में काम पूरा हो, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
इंजीनियर आरके मिश्रा निलंबित, क्यों?
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि आरके मिश्रा ने इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कोई सार्थक प्रयास नहीं किए। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है और इसे कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि में मिश्रा का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय में रखा गया है। उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा ।
