- पूर्व विधायक विकास उपाध्याय बोले – अब आर-पार की लड़ाई, सेना के साथ देश का हर नागरिक
रायपुर @ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध और देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए राजधानी रायपुर सहित पूरे देश में ‘‘जय हिंद तिरंगा यात्रा’’ निकाली गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आव्हान पर निकाली गई इस यात्रा में राजधानी रायपुर में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों ने हिस्सा लिया।

यात्रा के दौरान उपाध्याय ने पहलगाम में मारे गए 28 निर्दोष नागरिकों और 10 जवानों को श्रद्धांजलि दी और उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह वक्त देश के लिए एकजुट होने का है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा – “अब ये आर-पार की लड़ाई है, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को जड़ से मिटाना ही होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह लड़ाई केवल सेना की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। आज भारत का हर नागरिक, हर समाज, हर धर्म, हर जाति का व्यक्ति देश और सेना के साथ खड़ा है। “हम न केवल अपने जवानों के बलिदान को सम्मान दे रहे हैं, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी दे रहे हैं कि हिंदुस्तान शांति चाहता है लेकिन कमजोर नहीं है।”
उपाध्याय ने यह भी कहा कि आज विपक्ष की भूमिका भी देशहित में दिख रही है। “देश के हर राजनीतिक दल, हर विचारधारा और हर क्षेत्र के लोग आज एक साथ खड़े हैं, यही लोकतंत्र की ताकत है।” उन्होंने कहा कि जब-जब देश पर संकट आया है, भारत की जनता और सेना ने मिलकर उसका सामना किया है।

जय हिंद तिरंगा यात्रा के दौरान लोगों के हाथों में तिरंगे थे, आंखों में अपने वीरों के लिए सम्मान और दिलों में देश के लिए जोश था। राजधानी रायपुर की सड़कों पर ‘भारत माता की जय’, ‘जय जवान’, ‘वंदे मातरम’ जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
पूर्व विधायक ने इस दौरान महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह को याद करते हुए कहा कि भारत वह देश है जो शांति में यकीन रखता है लेकिन अन्याय के खिलाफ खड़ा होना भी जानता है।

यात्रा के समापन पर उपाध्याय ने कहा कि “हमारे जवानों के हौसले को कमजोर नहीं पड़ने देंगे। उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि पूरा देश उनके साथ है। यह लड़ाई सिर्फ सरहद पर नहीं, दिलों में भी लड़ी जा रही है। हर भारतीय का खून आज उबाल मार रहा है।”

‘‘जय हिंद तिरंगा यात्रा’’ सिर्फ एक राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि यह देश के वीरों को सम्मान देने और आतंक के खिलाफ देश की एकजुटता दिखाने का प्रतीक बन चुकी है। राजधानी रायपुर की यह यात्रा इस बात का संदेश है कि भारत अब किसी भी साजिश के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा।
