Raipur : छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2025 का असर अब ज़मीन पर दिखने लगा है। लोगों की छोटी-बड़ी समस्याएं न सिर्फ सुनी जा रही हैं, बल्कि उनका समाधान भी मौके पर किया जा रहा है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है नारायणपुर जिले के ग्राम सुलेंगा के रहने वाले दिव्यांग रामूराम नाग की।
रामूराम के बाएं पैर में कुछ साल पहले गंभीर संक्रमण हुआ था, जिसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने उनका पैर काटना पड़ा। कृत्रिम पैर लगवाने के बाद भी वे ठीक से चल-फिर नहीं पाते थे, जिससे उन्हें रोजमर्रा की ज़िंदगी में काफी मुश्किलें आती थीं।
लेकिन रामूराम की ज़िंदगी उस समय बदल गई, जब उन्होंने 8 अप्रैल से चल रहे सुशासन तिहार के पहले चरण में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए आवेदन दिया। उनकी बात को प्रशासन ने गंभीरता से लिया और महज़ कुछ ही दिनों में समाधान भी निकाल दिया।

5 मई को नारायणपुर के पालकी में आयोजित समाधान शिविर में खुद वन मंत्री केदार कश्यप और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने रामूराम को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल सौंपी। ट्राईसाइकिल मिलते ही रामूराम की आंखों में खुशी छलक पड़ी। उन्होंने कहा –
“अब मुझे गांव से शहर जाने के लिए दूसरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। मेरी समस्या को इतने जल्दी हल किया गया, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का दिल से धन्यवाद करता हूं।”
सुशासन तिहार में रामूराम की यह कहानी बताती है कि अगर नीयत साफ हो और सिस्टम संवेदनशील हो, तो सरकार आम जनता की ज़िंदगी बदल सकती है। यह एक मिसाल है कि प्रशासन अगर चाहे, तो समाधान मुश्किल नहीं होता।
