- GPIL ने CSR फंड से दी 21 लाख की सहायता, बच्चों की शिक्षा का उठाया जिम्मा
रायपुर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में रायपुर के जाने-माने व्यवसायी दिनेश मिरानिया की शहादत की खबर ने छत्तीसगढ़ सहित पूरे व्यापारिक जगत को गहरे शोक में डाल दिया। देशभक्ति और साहस की मिसाल बने मिरानिया की याद में रविवार को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जहां समाज के विभिन्न वर्गों और समुदायों ने मिलकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर एक बड़ी और प्रेरणास्पद पहल सामने आई, जब गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड (GPIL) की ओर से मिरानिया परिवार को 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। यह सहायता कंपनी के CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) फंड के तहत दी गई है। कंपनी के प्रमुख बजरंग अग्रवाल के निर्देशन में, निदेशक दिनेश अग्रवाल ने अपने हाथों से यह चेक शहीद के परिजनों को सौंपा। इस सहायता राशि का मुख्य उद्देश्य शहीद दिनेश मिरानिया के दो बच्चों की शिक्षा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखना है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और उनके सपनों को कोई बाधा न रोके।

श्रद्धांजलि सभा में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों और जातियों के लोग उपस्थित थे। यह दृश्य अपने आप में देश की एकता और सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। सभा में मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश मुरारका ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “दिनेश मिरानिया सिर्फ एक व्यवसायी नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त भी थे। उनके बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। GPIL की यह मदद केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकल्प है कि हम अपने शहीदों के परिवारों को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “आज जिस तरह समाज के हर वर्ग के लोगों ने मिलकर एक स्वर में दिनेश मिरानिया को श्रद्धांजलि दी, वह यह दर्शाता है कि दुख की घड़ी में हम सभी एक हैं। यह एकता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।”
GPIL द्वारा की गई यह पहल CSR गतिविधियों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो यह दर्शाती है कि जब निजी कंपनियां अपने सामाजिक दायित्वों को गंभीरता से निभाती हैं, तो उसका असर सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है। यह न केवल मिरानिया परिवार के लिए एक राहत है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है कि देश के सच्चे सपूतों की कुर्बानी को भुलाया नहीं जाता।
श्रद्धांजलि सभा का समापन भावुक माहौल में हुआ, जहां हर आंख नम थी, लेकिन दिल गर्व से भरे हुए थे। यह आयोजन सिर्फ एक श्रद्धांजलि सभा नहीं थी, बल्कि मानवता, एकता और संवेदनशीलता की सशक्त अभिव्यक्ति बन गया।
