पारंपरिक घोटुल को मिली नई पहचान, गांवों में पहुंचेगा विकास

  • गढ़बेंगाल में परंपरा और विकास का संगम: वनमंत्री और सांसद ने घोटुल का लोकार्पण कर दिए 3 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

दिनेश यदु @ Raipur : गढ़बेंगाल गांव में सोमवार को एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब परंपरा और विकास दोनों का संगम देखने को मिला। वन, संसदीय कार्य और जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने यहाँ पारंपरिक घोटुल भवन का लोकार्पण किया। साथ ही, 3 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों की सौगात ग्रामीणों को दी गई।

इस मौके पर 2 करोड़ 70 लाख 17 हजार रुपए की लागत से बने 29 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें प्राथमिक स्कूल भवन के अतिरिक्त कक्ष, आंगनबाड़ी भवन की बाउंड्रीवाल, पीडीएस गोदाम, सीसी सड़क, बाजार शेड, देवगुड़ी, खेल मैदान और सामुदायिक भवन शामिल हैं। इसके साथ ही 52 लाख 86 हजार रुपए की लागत से बनने वाले परिक्षेत्र अधिकारी आवास और कार्यालय भवन के लिए भूमिपूजन किया गया।

घोटुल को दी आधुनिक पहचान

घोटुल, जो कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान है, अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त हो गया है। इसमें बनाए गए पारंपरिक कक्ष जैसे सगा कुरमा, उदना कुरमा, लयोर कुरमा, बीडार कुरमा, और लेयोस्क कुरमा का मंत्री और सांसद ने अवलोकन किया। दोनों नेताओं ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संदेश भी दिया।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की रही भागीदारी

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत ओरछा के उपाध्यक्ष मंगडूराम नुरेटी, पूर्व विधायक सुभाऊ कश्यप, सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, और कई अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

ग्रामीणों ने जताया आभार

गांव के लोगों ने कहा कि पारंपरिक घोटुल को संरक्षित करने और गांव में विकास कार्यों की सौगात मिलने से उन्हें गर्व और खुशी दोनों मिली है। अब युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़ने और बेहतर सुविधाएं मिलने का अवसर मिलेगा।

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