नौकरियों से लेकर खेती और शिक्षा तक, हर क्षेत्र में आएगा तकनीकी बदलाव

  • डिजिटल स्वर्णिम युग शुरू, देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में

दिनेश यदु @ Raipur : छत्तीसगढ़ ने शनिवार को डिजिटल क्रांति की ओर एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया। नवा रायपुर के सेक्टर-22 में देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डेटा सेंटर पार्क का शिलान्यास हुआ। यह परियोजना 13.5 एकड़ भूमि में विकसित की जा रही है, जिसमें 2.7 हेक्टेयर क्षेत्र विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के रूप में विकसित होगा। रैक बैंक डेटा सेंटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित यह केंद्र पूरी तरह एआई तकनीक पर आधारित होगा, जो आने वाले वर्षों में न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनकर उभरेगा।

डिजिटल भारत का हृदय बनेगा छत्तीसगढ़


इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी निवेश नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव है। इस एआई डेटा सेंटर से प्रदेश की तस्वीर बदलने वाली है। यह सेंटर न केवल स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा देगा, बल्कि हेल्थटेक, डिफेंस, फिनटेक, स्मार्ट एग्रीकल्चर और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर की सेवाएं भी प्रदान करेगा।

रोजगार और अवसरों की नई लहर

इस परियोजना से 500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1500 से अधिक को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। खास बात यह है कि इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे आईटी, डेटा एनालिटिक्स और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में करियर के नए रास्ते खुलेंगे। अब राज्य के युवाओं को दिल्ली-मुंबई जाकर नौकरी की तलाश नहीं करनी पड़ेगी।

किसानों और आदिवासियों को मिलेगा तकनीकी सहयोग

एआई तकनीक के उपयोग से किसानों को स्मार्ट खेती, मौसम की सटीक जानकारी और फसल प्रबंधन में मदद मिलेगी। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाएं तेजी से पहुंचेंगी। इस पहल से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की रोशनी पहुंचेगी।

बिजली और पर्यावरण का संतुलन

इस सेंटर को ग्रीन और ऊर्जा दक्ष तकनीक से तैयार किया जा रहा है। 5 मेगावाट से शुरू होकर इसकी क्षमता 150 मेगावाट तक बढ़ाई जाएगी। परियोजना में सौर ऊर्जा का भी इस्तेमाल होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

नई औद्योगिक नीति का असर

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के कारण प्रदेश को पिछले पांच महीनों में साढ़े चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश मिला है। अब उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को सरकारी विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। एक क्लिक पर ही कई मंजूरियां मिल जाती हैं। इस नीति के जरिए सरकार ने अगले पांच साल में चार लाख नए रोजगार का लक्ष्य रखा है।

“रायपुर से शुरू होगा एआई क्रांति का युग”

देश का पहला विश्व स्तरीय एआई डाटा सेंटर पार्क बनने जा रहा है, जिसकी शुरुआत रैकबैंक के नेतृत्व में हो रही है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ नरेंद्र सेन ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “भारत में एआई की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए यह डाटा सेंटर एक बड़ा कदम है। यह पार्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडियाएआई मिशन को मजबूती देगा और भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।”

यह डाटा सेंटर पार्क चार चरणों में तैयार होगा। पहले चरण में 80 मेगावाट की क्षमता होगी, जो अंतिम चरण तक बढ़कर 160 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। यह अत्याधुनिक डाटा सेंटर डायरेक्ट-टू-चिप और वरुण लिक्विड इमर्शन कूलिंग जैसी पेटेंटेड तकनीकों से लैस होगा, जो रैकबैंक ने खुद विकसित की हैं। इन तकनीकों की मदद से कूलिंग लागत में 70% तक की बचत होगी, जिससे ऊर्जा दक्षता में जबरदस्त सुधार होगा।

नरेंद्र सेन ने आगे कहा कि यह पार्क न केवल देश की डिजिटल प्रगति को गति देगा, बल्कि शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग का भी केंद्र बनेगा। इससे रिसर्चर्स, डेवलपर्स और इनोवेटर्स को एआई की पूरी क्षमता का लाभ मिलेगा और एक स्मार्ट, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य की नींव रखी जाएगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सीएसआईडीसी के चेयरमैन  राजीव अग्रवाल, मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, उद्योग सचिव रजत कुमार उपस्थित रहे ।

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