- जंगल की रात बीच रास्ते में पंक्चर और बाघों से सामना
- फोटोग्राफी और खतरों से भरे अनुभव, जंगलों में भालू और डकैती की यादें
दिनेश यदु @ Raipur छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ प्रेस फोटोजर्नलिस्ट विनय शर्मा के पास पत्रकारिता और फोटोग्राफी के क्षेत्र में अनगिनत अनुभव हैं। एक समय था जब अखबारों में प्रकाशित फोटोग्राफी की तकनीकी जटिलताओं को समझने के लिए समय और मेहनत की भरपूर जरूरत होती थी। लेकिन उन दिनों को याद करते हुए विनय शर्मा बताते हैं कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपनी नौकरी निभाई और फोटोग्राफी को एक मिशन की तरह पूरा किया।
उनकी यादों में से एक बेहद रोमांचक और खतरे से भरी घटना चिल्फी घाटी की है। यह घटना उस समय की है जब छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश का हिस्सा था और वह एक महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग के लिए चिल्फी घाटी जा रहे थे।

बीच रास्ते में पंक्चर और बाघों से सामना
विनय शर्मा और उनके साथी रिपोर्टर सुदीप ठाकुर अपने काम के सिलसिले में चिल्फी घाटी जा रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक पंक्चर हो गई और दोनों को बाइक को घसीटते हुए पांच-छह किलोमीटर चलना पड़ा। चिल्फी घाटी की ठंडी रात में, जब कोई मदद नहीं मिली, तो उन्होंने मंदिर के पुजारी से राहत की उम्मीद जताई। पुजारी ने उन्हें बताया कि सुबह बसें चलेंगी, लेकिन उस रात को उन्होंने खुले आसमान के नीचे बिताने का फैसला किया।
उन्होंने ठंड से बचने के लिए लकड़ियां जलाईं और आग के पास सोने की कोशिश की। लेकिन उस रात को वह कभी नहीं भूलेंगे जब उनकी आंखें उस समय खुलीं जब जंगल की गहरी रात में दो बाघों की दहाड़ सुनी। इन बाघों के बीच उनका सामना हुआ, और चमत्कारिक रूप से ये बाघ बिना किसी नुकसान के वहां से चले गए। विनय शर्मा और सुदीप ठाकुर ने अपनी जान को बचाया और अगले दिन बस के माध्यम से अपनी यात्रा पूरी की।

फोटोग्राफी और खतरों से भरे अनुभव
विनय शर्मा की फोटोग्राफी सिर्फ तस्वीरें खींचने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एक जीवंत अनुभव था। उन्होंने कई घटनाओं का सामना किया, जैसे रायपुर में एक पेट्रोल पंप पर आग लगने के दौरान वे आग के पास पहुंच गए थे, लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें सही वक्त पर पीछे खींच लिया और बाद में वहां धमाका हुआ। इसके अलावा, एक अन्य घटना में एक डकैत के मुक्के की तस्वीर उनकी कैमरे में कैद हो गई थी, जो बाद में चर्चा का विषय बनी।

जंगलों में भालू और डकैती की यादें
विनय शर्मा की यादों में नंदनवन में एक भालू की तलाश का अनुभव भी है। भालू जंगल से बाहर निकल आया था और उन्होंने उसे कैमरे में कैद करने के लिए जंगल में प्रवेश किया। जब वे भालू की तलाश कर रहे थे, तो अचानक किसी ने उन्हें बताया कि भालू उनके पीछे है। गनीमत यह रही कि भालू ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और जंगल में मौजूद अधिकारियों ने भालू को काबू कर लिया।
उनके काम के दौरान उन्होंने कई ऐसी घटनाओं का सामना किया, जिनमें जोखिम और चुनौती की भरमार थी, लेकिन उनका हर अनुभव उन्हें और भी साहसी और प्रेरित करता रहा।

साहस और फोटोग्राफी का संगम
विनय शर्मा के लिए फोटोग्राफी महज एक पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है। हर दिन उनके सामने नयी चुनौतियाँ थीं, जो उन्हें अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित करती थीं। चाहे वह चिल्फी घाटी की ठंडी रात हो या पेट्रोल पंप पर आग लगने का मंजर, विनय शर्मा ने कभी भी अपने पेशेवर दायित्वों से समझौता नहीं किया। उनकी यादों में यह अद्भुत घटनाएं न सिर्फ पत्रकारिता के जोश को दर्शाती हैं, बल्कि साहस और जोखिम से भरे जीवन की असली तस्वीर भी पेश करती हैं।
