- जवाहर नगर मंडल के 44 बूथों में एक साथ हुआ कार्यक्रम
- पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का किया जिक्र
रायपुर @ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 121वीं कड़ी को लेकर देशभर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राजधानी रायपुर के जवाहर नगर मंडल में भी इस विशेष अवसर पर सभी 44 बूथों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

102 साल की रामप्यारी साहू बनीं सभी के लिए मिसाल
इस आयोजन की सबसे खास बात रही इंदिरा गांधी वार्ड जोरापारा क्षेत्र की 102 वर्षीय वयोवृद्ध महिला रामप्यारी साहू की उपस्थिति। उन्होंने अपने अनुभव और उम्र को दरकिनार करते हुए पूरे मनोयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातें सुनीं। बूथ पर उपस्थित लोगों के लिए वह एक प्रेरणा बन गईं। मंडल अध्यक्ष संदीप जघेंल ने कहा, “रामप्यारी की उपस्थिति हम सभी कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देती है कि देश और समाज के लिए समर्पण की कोई उम्र नहीं होती।”
44 बूथों पर एक साथ कार्यक्रम, जनभागीदारी उत्साहजनक
जवाहर नगर मंडल के सभी 44 बूथों में कार्यक्रम सुबह 11 बजे एक साथ शुरू हुआ। सभी जगहों पर कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं की थीं, और आमजन को आमंत्रित कर कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, पार्षदों, बूथ प्रभारियों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर ‘मन की बात’ को सुना।

पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले का जताया दुख
‘मन की बात’ के 121वें एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “जब मैं आपसे अपने दिल की बात कर रहा हूं, मेरे दिल में गहरी पीड़ा है। यह हमला आतंकवाद को संरक्षण देने वालों की हताशा का संकेत है।” पीएम ने कहा कि इस समय जब कश्मीर में शांति लौट रही थी, दुश्मनों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और उन्होंने बड़ी साजिश रची। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट रहने और आतंक के खिलाफ अपने संकल्प को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का वादा करते हुए कहा कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

मंडल अध्यक्ष ने दिया देशभक्ति का संदेश
कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष संदीप जघेंल ने कहा कि ‘मन की बात’ न केवल प्रधानमंत्री से संवाद का माध्यम है, बल्कि यह देशभक्ति और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का भी एक प्रयास है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे देश और समाज से जुड़े विषयों में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
