धोबी समाज ने लिया फैसला, शादी-ब्याह और मृत्यु पर नई परंपराएं तय

  • डीजे पर रोक, गढ़वा बाजा को बढ़ावा
  • रिश्ता तय करने से पहले मेडिकल जांच जरूरी

रायपुर @ धोबी समाज अब परंपराओं को नया रूप देने की ओर बढ़ चला है। समाज ने अपने हाल ही में आयोजित महाअधिवेशन (गुरुर राज) में कई अहम और रचनात्मक निर्णय लिए, जो न सिर्फ सामाजिक खर्च को कम करेंगे, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति को भी बढ़ावा देंगे।

महाअधिवेशन में यह तय किया गया कि अब शादी, छट्ठी जैसे मांगलिक कार्यों में कानफोड़ू डीजे का उपयोग नहीं होगा। इसकी जगह गांव के पारंपरिक गढ़वा बाजा का उपयोग करने को कहा गया है, ताकि स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिले और सांस्कृतिक पहचान बनी रहे।

स्वास्थ्य को लेकर भी लिया गया अहम निर्णय

अब रिश्ते तय करते समय दोनों पक्षों का चिकित्सा प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। साथ ही यह भी जरूरी होगा कि दोनों परिवारों के सामाजिक मुखिया की उपस्थिति में ही संबंध तय किए जाएं, ताकि धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बचा जा सके।

शादी और मृत्यु में दिखेगा सादगी का नया रूप

छत्तीसगढ़ प्रदेश धोबी समाज के अध्यक्ष सूरज निर्मलकर के निर्देशन पर यह अभियान पूरे प्रदेश पर चल रहा है जिसका परिपालन गुरुर राज धोबी समाज कर रहा है। कन्या विवाह में समाज की ओर से 5000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि जरूरतमंद परिवारों को मदद मिल सके। वहीं किसी की मृत्यु पर अब कफन की जगह दान पेटी में सहयोग राशि डालने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके अलावा मृत्यु भोज में कलेवा की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ न पड़े।

प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने दी सहमति

इन रचनात्मक फैसलों पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी सहमति दी इस महानिर्णय में राज्य भर के मुखिया सम्मिलित हुए जिसमें प्रमुख रूप से राजनांदगांव जिला के अध्यक्ष चैतराम निर्मलकर, दुर्ग जिला के अध्यक्ष गोपाल निर्मलकर, प्रदेश संगठन मंत्री नकुल निर्मलकर, महासचिव बजरंगी छाटा, कबीरधाम जिला के अध्यक्ष हिमलेश निर्मलकर, महासमुंद जिला के अध्यक्ष पोषण निर्मलकर, धमतरी जिला संगठन प्रभारी रोशन निर्मलकर, रायपुर के अध्यक्ष वरुण निर्मलकर, युवा प्रदेश अध्यक्ष रोशन निर्मलकर, कोरबा जांजगीर जिला अध्यक्ष ललित बरेट, रायगढ़ जिला अध्यक्ष अवधेश कुमार सोन, गरियाबंद जिला युवा अध्यक्ष उमेश निर्मलकर, बालोद जिला अध्यक्ष डॉक्टर दयाल राम निर्मलकर, युवा जिला अध्यक्ष शहर निर्मलकर, अंबे बाघमार, रामायण रजक, प्रभात सोनछत्र, मधु पवन निर्मलकर, जांजगीर जिला संगठन प्रभारी महावीर कर्ष, प्रदेश महामंत्री भोजराम कर्षेल, टेक राम निर्मलकर, महिला विंग के अध्यक्ष मैना निर्मलकर, छबी लता निर्मलकर, महासचिव परमानंद निर्मलकर, राजू निर्मलकर सहित अनेक पदाधिकारी ने अपने विचार रखे और रचनात्मक कार्य का समर्थन किया।

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