– “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत तीन गिरफ्तार
रायपुर@ पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को शेयर मार्केट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखा देकर उनकी कमाई का पैसा फर्जी कंपनियों के माध्यम से विदेश भेज रहा था। इस गिरोह के सदस्य अब पुलिस की गिरफ्त में हैं, और पुलिस ने इस ऑपरेशन को “ऑपरेशन साइबर शील्ड” नाम दिया है।

ठगी के पैसों से विदेश भेजे जा रहे थे लाखों रुपये
इस मामले की शुरुआत तब हुई जब डॉ. प्रकाश गुप्ता ने आमानाका थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके साथ 11 लाख रुपये की ठगी हुई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की और बाद में इसे साइबर थाना को सौंपा गया। पुलिस की सक्रियता के बाद, आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर “ऑपरेशन साइबर शील्ड” चलाया गया।
दिल्ली में गिरफ्तार हुए तीन आरोपी
पुलिस की टीम ने दिल्ली में दबिश देकर तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया – हिमांशु तनेजा, गणेश कुमार, और अंकुश। इनके पास से कई कंप्यूटर, मोबाइल फोन, स्कैनर, फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चला कि ये लोग फर्जी कंपनियों के नाम से बैंक खाते खोलते थे और फिर शेयर मार्केट और निवेश के नाम पर लोगों को लालच देते थे। ठगी का पैसा इन आरोपियों ने थाईलैंड और चीन भेजा और बाद में वापस भारत लाकर दिल्ली में संपत्तियां खरीद लीं।

ठगी से बचने के उपाय
पुलिस ने आम लोगो को सावधान करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है । किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक या OTP की जानकारी न दें। इंवेस्टमेंट से पहले कंपनी की पूरी जांच करें। ज्यादा मुनाफा मिलने का झांसा देने वालों से बचें। अगर ठगी का शक हो, तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें। पुलिस ने इस गिरोह द्वारा खरीदी गई संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की कार्रवाई – आमजनों के लिए एक सीख
पुलिस की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट हो गया है कि साइबर ठगी के मामलों में पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो ऑनलाइन ठगी के जरिए लोगों से पैसे निकालने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस की ओर से दी जा रही जानकारी और जागरूकता से आम जनता को अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है। अगर कोई ठगी का शिकार हो, तो तुरंत रिपोर्ट करें और अपनी पहचान की सुरक्षा करें।
