वन्यजीव संरक्षण को समर्पित साहित्य का विमोचन

  • नवा रायपुर में वन मंत्री और विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण मुलाक़ात

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर सकारात्मक पहल तेज़ होती दिख रही है। इसी कड़ी में राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप ने शनिवार को अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य और पर्यावरणविद् एसके पुराणिक से मुलाकात की। यह भेंट केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि राज्य में वन्यजीवों के संरक्षण और जागरूकता को एक नई दिशा देने का संकेत भी थी।


इस अवसर पर वन्यजीवों पर आधारित विशेष कॉफी टेबल बुक और कैलेंडर का विमोचन किया गया, जो छत्तीसगढ़ की जैव विविधता, वन्य प्राणियों और संरक्षण की कोशिशों को चित्रों और जानकारी के माध्यम से प्रस्तुत करता है। इन दोनों प्रकाशनों का उद्देश्य न केवल आम जनता को जागरूक करना है, बल्कि पर्यावरणीय अध्ययन करने वाले छात्रों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए भी यह उपयोगी साबित हो सकते हैं।


एसके पुराणिक ने जानकारी दी कि इस कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ के विभिन्न वन्यजीव अभयारण्यों, जैसे उदंती-सीतानदी, अचनाकमार, और गौरला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्रों में रहने वाले दुर्लभ प्रजातियों की जानकारी के साथ-साथ, राज्य सरकार द्वारा किए गए संरक्षण प्रयासों का भी समावेश है। कैलेंडर को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि हर महीने एक विशेष वन्यजीव और उससे जुड़ी रोचक जानकारी सामने आए।


वन मंत्री केदार कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक प्रयासों से आम नागरिकों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार के जागरूकता साहित्य को प्रचारित-प्रसारित किया जाएगा।


मुलाक़ात के दौरान दोनों के बीच राज्य में वन्यजीव-मानव संघर्ष की स्थितियों, संरक्षण की चुनौतियों और संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस मुलाकात को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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