- डॉ. आम्बेडकर की जयंती सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाई गई
- वन मंत्री केदार कश्यप ने की आम्बेडकर पार्क में भवन, शेड और प्रतिमा की सुरक्षा के लिए छतरी निर्माण की घोषणा

Raipur @ नारायणपुर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आम्बेडकर की 134वीं जयंती नारायणपुर जिले में सामाजिक समरसता दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आम्बेडकर पार्क में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर आम्बेडकर पार्क में भवन निर्माण, शेड निर्माण और बाबा साहेब की प्रतिमा की सुरक्षा हेतु छतरी निर्माण की घोषणा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डॉ. आम्बेडकर का जीवन संघर्ष और समाज सुधार की मिसाल है। उन्होंने कहा कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो जितना पिएगा, उतना ही दहाड़ेगा।” बाबा साहेब ने छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ लड़ते हुए समाज को समरसता के सूत्र में पिरोने का काम किया, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।

संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन व जनकल्याण योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई। इसके अलावा पंचायत राज दिवस के तहत अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में पंचायत एंबेसडर की सक्रिय भूमिका, “मोर दुआर साय सरकार” पखवाड़ा (15 से 30 अप्रैल) और भूजल संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने पर भी चर्चा की गई।

जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की हुई भागीदारी
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इन्द्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, और अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री केदार कश्यप ने बाबा साहेब आम्बेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर राज्य और देश के विकास में भागीदारी निभानी चाहिए, तभी डॉ. आम्बेडकर का सपना साकार होगा।
