- पूर्व विधायक के नेतृत्व में रामनगर में धरना, 20 लाख मुआवजे की मांग

रायपुर @ शहर के रामनगर इलाके में नगर निगम की लापरवाही के कारण एक मासूम बच्चे की मौत और दो बच्चों के घायल होने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के विरोध में सोमवार को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों और कांग्रेसजनों ने गुलमोहर पार्क के मुख्य द्वार के सामने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और आमजन ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
गड्ढे में भरे गंदे पानी में डूबने से मासूम की मौत
बताया गया कि रामनगर के बीएसयूपी कॉलोनी के पीछे नगर निगम द्वारा सिवरेज लाइन के लिए महीनों पहले गड्ढा खोदा गया था, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। इस गड्ढे में बारिश और गंदे पानी के भराव से स्थिति खतरनाक बनी रही, जिसकी कई बार शिकायतें भी की गईं, मगर नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार की रात इसी गड्ढे में गिरने से एक मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा घायल है और एक अन्य को बचा लिया गया।

धरने में उठीं मांगें: मुआवजा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई
विकास उपाध्याय ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम बताया। उन्होंने मृतक बच्चे के परिजन को 20 लाख रुपये मुआवजा और घायल बच्चे के इलाज के साथ 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। साथ ही दोषी अधिकारियों पर तत्काल निलंबन एवं जांच की मांग रखी गई।

4:30 घंटे चला धरना, लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
कड़ी धूप में धरना चार घंटे से ज्यादा चला, जिसमें स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। अंततः नगर निगम के आयुक्त और जोन कमिश्नर मौके पर पहुंचे और सात दिनों के भीतर सभी मांगों पर कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन को समाप्त किया गया। विकास उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जन आंदोलन होगा। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए प्रशासन को सतर्क और जवाबदेह बनाया जाए।
