रायपुर, 6 नवंबर। दीपावली खुशियां बांटने और जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद का उजाला भरने का पर्व है। इसी भावना के साथ छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने खम्हारडीह स्थित बालिका गृह एवं महिला जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के बच्चों के साथ दीपावली मनाई।
इस दौरान उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पारिवारिक परिस्थितियां उनके सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन का अधिकार है। बच्चों का भविष्य उनकी प्रतिभा, मेहनत और उन्हें मिलने वाले अवसरों से तय होता है।
महिला जेल में निरुद्ध बंदियों से भी चर्चा कर उनके बच्चों की शिक्षा, परवरिश और बेहतर भविष्य को लेकर संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों के अधिकार और उनका बचपन प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम में खुशी नामक बच्ची ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसकी डॉ. शर्मा ने सराहना करते हुए उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं बालिका गृह की बच्चियों ने अपने हाथों से बनाए सुंदर दीये और हस्तनिर्मित सामग्री उन्हें भेंट की। डॉ. शर्मा ने बच्चियों की रचनात्मकता और हुनर की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे में अनूठी प्रतिभा होती है। जरूरत है उसे स्नेह, सुरक्षा, प्रोत्साहन और आगे बढ़ने का उचित अवसर देने की। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के बीच अपनत्व, संवेदना और खुशियों का संदेश दिया गया।

