दिनेश यदु @ Raipur : गरियाबंद जिले में एक बार फिर वन्य प्राणियों के जीवन पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पंडरीपानी इलाके में पिछले कुछ दिनों में एक तेंदुए की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। तेंदुए के शव के पास मिले अंग और खाल की ग़ैरमौजूदगी से यह मामला शिकार से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। वन विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही की वजह से कई सवाल उठ रहे हैं।

मामला: तेंदुए की संदिग्ध मौत
पंडरीपानी जंगल में 4-5 दिन पहले एक तेंदुए को कुएं से सुरक्षित निकालकर रेस्क्यू किया गया था। अब उसी इलाके में तेंदुए के शव के कई हिस्से मिले हैं। मृत तेंदुए की खाल और कई अंग गायब थे, जो शिकार की आशंका को और मजबूत करते हैं। यह मामला उस समय सामने आया जब ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल में गए थे और उन्होंने तेंदुए के शव का वीडियो वायरल कर दिया। हालांकि, डर के कारण उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना नहीं दी।
वन विभाग की जांच: शिकार या हादसा?
पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में यह साफ नजर आ रहा है कि दो अलग-अलग जगहों पर तेंदुए के शव के अंग मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह शिकार का मामला प्रतीत हो रहा है, क्योंकि तेंदुए के पंजे और नाखून गायब थे। डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने बताया कि फिलहाल चिकित्सकीय टीम पोस्टमार्टम के बाद इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन्य प्राणियों के लिए बढ़ता खतरा
यह मामला गरियाबंद जिले में वन्य प्राणियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पिछले एक साल में कई तेंदुए और अन्य वन्य प्राणियों की संदिग्ध मौतें हुई हैं, लेकिन अब तक इन घटनाओं के आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में भी पहले जैसी ही कागजी कार्यवाही हो सकती है, जो लोगों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।
स्थानीय लोगों का आक्रोश: कार्रवाई की मांग
ग्रामिणों और स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। वे अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करने का विचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
