- सरकारी जमीन और वन संसाधनों की रक्षा के लिए उड़नदस्ते की कार्रवाई, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
दिनेश यदु @ Raipur : छत्तीसगढ़ के वन विभाग ने शुक्रवार को एक बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व और वन बल प्रमुख (पीसीसीएफ) व्ही. श्रीनिवास राव के मार्गदर्शन में की गई। इस छापेमारी में जंगल और सरकारी जमीन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिसमें कई अनियमितताओं का पता चला।

कार्रवाई की निगरानी DFO लोकनाथ पटेल, SDO विश्वनाथ मुखर्जी और राज्य स्तरीय उड़नदस्ता प्रभारी संदीप सिंह ने की। वहीं, मौके पर पहुंची टीम का नेतृत्व रायपुर वन मंडल के प्रभारी रेंजर दीपक तिवारी कर रहे थे। उनके साथ बीएफओ अमृत पाल, दीपक, सैंटियागो, निराला, वसीम तथा विशेष सहयोगी अशोक कुमार वर्मा और दानिश अली भी मौजूद थे।

अभनपुर के पीयूष आरा पर कार्रवाई
रेंजर दीपक तिवारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान अभनपुर निवासी पीयूष आरा से संबंधित दस्तावेजों की जांच में कई गड़बड़ियाँ पाई गईं। वन विभाग की टीम ने पाया कि संबंधित व्यक्ति के दस्तावेज अधूरे और संदेहास्पद थे। दस्तावेजों की असलियत की पुष्टि के बाद विभाग ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे चिन्हित कर लिया है और आगे की कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

वन मंत्री की सख्त हिदायत – संरक्षण में कोई समझौता नहीं
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस कार्रवाई को जरूरी और समयानुकूल बताते हुए कहा कि राज्य सरकार वन भूमि और संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। “सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या फर्जीवाड़ा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा,” उन्होंने कहा।

वन विभाग की प्रतिबद्धता का प्रमाण
यह कार्रवाई न केवल विभाग की चुस्ती और सजगता को दिखाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि सरकार पर्यावरण और वन संसाधनों के संरक्षण को लेकर कितनी गंभीर है। पीसीसीएफ व्ही. श्रीनिवास राव ने टीम की कार्यकुशलता की सराहना की और कहा कि इस तरह की सघन जांच भविष्य में भी नियमित रूप से की जाएंगी।

आम जनता से अपील
वन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी तरह की वन भूमि से जुड़ी अनियमितता या अवैध कब्जे की जानकारी हो, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। सरकार हर ऐसे मामले पर कड़ी निगरानी रखे हुए है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
यह कार्रवाई वन विभाग की ईमानदारी और जवाबदेही का उदाहरण है। आने वाले दिनों में और भी ऐसे अभियान चलाकर वन भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित किया जाएगा।
