– सरकार की सख्ती से जंगल की संपत्ति को बचाने की पहल, उड़न दस्ते ने कई आरा मिलों को किया सील
दिनेश यदु @ Raipur : छत्तीसगढ़। राजधानी रायपुर में वन विभाग ने अवैध रूप से संचालित आरा मिलों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। यह अभियान छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) व्ही निवास राव के मार्गदर्शन में किया गया। इसका मकसद जंगल की लकड़ियों की अवैध कटाई और उनका कारोबार रोकना था, जो लंबे समय से वन संपदा को नुकसान पहुँचा रहा है।

इस अभियान की विशेष बात यह रही कि इसमें राज्य स्तरीय उड़न दस्ता और रायपुर वन मंडल की संयुक्त टीम ने मिलकर कार्य किया। रायपुर वन मंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी और राज्य स्तरीय उड़न दस्ता प्रभारी संदीप सिंह की निगरानी में पूरा ऑपरेशन चला। उड़न दस्ता प्रभारी और रायपुर रेंजर दीपक तिवारी, जिन्हें लोग “सिंघम” के नाम से जानते हैं, ने पूरी टीम का नेतृत्व किया।

इस टीम में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अहफ़ाज खान, बीएफओ वसीम, बीएफओ दीपक वर्मा, बीएफओ अमृत पाल सिंह और बीएफओ गोस्वामी शामिल थे। इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर रायपुर और आसपास के इलाकों में उन आरा मिलों की पहचान की जो बिना किसी लाइसेंस या वैध अनुमति के चल रही थीं।

टीम ने ऐसी मिलों पर छापा मारकर उन्हें सील कर दिया। कई जगहों पर बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रखी गई लकड़ी भी जब्त की गई। अधिकारियों ने साफ कहा कि वन विभाग अब किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना लाइसेंस के आरा मिल या लकड़ी का कारोबार करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान से यह साफ संदेश गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार वन संपदा की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और जंगल की कटाई पर सख्ती से रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री केदार कश्यप ने खुद इस ऑपरेशन की समीक्षा की और कहा कि आने वाले समय में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे।

इस पूरे अभियान ने यह साबित कर दिया कि वन विभाग की टीम न केवल सजग है, बल्कि अवैध कार्यों के खिलाफ फौरन कार्रवाई करने में भी सक्षम है। स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे जंगलों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा असर होगा।
