रायपुर। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को शिवनाथ भवन, अटल नगर में विभागीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता शामिल हुए। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विभागीय कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।बैठक में मंत्री ने जानकारी दी कि निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले 108 ठेकेदारों की सूची सामने आई है।

इन ठेकेदारों ने टेंडर में गलत जानकारी देकर अनुचित रूप से काम पाने की कोशिश की। मंत्री ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिए कि इन ठेकेदारों पर एक सप्ताह के भीतर ईएमडी जब्त कर, एक साल के लिए टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया जाए।केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए तीन संभागों—बस्तर, रायपुर-दुर्ग और बिलासपुर-सरगुजा में उड़नदस्ता गठित करने की घोषणा की। यह टीमें निर्माण कार्यों की भौतिक जांच करेंगी और रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। साथ ही, प्रमुख अभियंता को 5%, अधीक्षण अभियंता को 10% और कार्यपालन अभियंता को 100% कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने सभी अधिकारियों को 100 दिनों के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जल विवादों के समाधान की कोशिशें तेज की गई हैं।

मंत्री स्वयं समक्का, जोरानाला और पोलावरम जैसी विवादग्रस्त परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे।सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों का जल्द निपटारा करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही, आगामी बजट वर्ष के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर विकास कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार करने को कहा गया।अंत में मंत्री ने जल संरक्षण के प्रति प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण को दोहराते हुए, जनभागीदारी से जल प्रबंधन को मजबूत बनाने की अपील की।
