52 लाख की चांदी जैसी मेटल की तस्करी, दो महाराष्ट्र निवासी आरोपी गिरफ्तार

EV स्कूटर में भरकर ला रहे थे 115 नग संदिग्ध सिल्ली

– खमतराई पुलिस की सतर्कता से पकड़े गए तस्कर

रायपुर@ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में खमतराई थाना पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी तस्करी का भंडाफोड़ किया है। दो युवक EV स्कूटर में चांदी जैसी दिखने वाली संदिग्ध मेटल सिल्ली लेकर शहर की ओर आ रहे थे, जिन्हें भनपुरी चौक पर रोका गया। पूछताछ में जब वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से करीब 56.300 किलो वजन की 115 नग सिल्ली जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 52 लाख रुपये बताई गई है।

सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

थाना खमतराई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक EV स्कूटर (CG 04 PQ 8047) में संदिग्ध मेटल लेकर मेटल पार्क उरला से खमतराई की ओर आ रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने भनपुरी चौक में चेकिंग प्वाइंट लगाया।
जैसे ही मुखबिर द्वारा बताए गए स्कूटर को आते देखा गया, पुलिस ने उसे रोका। वाहन में दो युवक सवार थे—ओंकार जाधव (23 वर्ष, सांगली, महाराष्ट्र) और अजय गेजगे (23 वर्ष, सोलापुर, महाराष्ट्र)। तलाशी लेने पर उनके थैले से भारी मात्रा में सिल्ली बरामद हुई, जो चांदी जैसी नजर आ रही थी।

बिना दस्तावेज मेटल ले जा रहे थे आरोपी

पुलिस ने जब सिल्ली के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपी गोलमोल जवाब देने लगे और कोई कागज नहीं दिखा सके। इस पर पुलिस ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ थाना खमतराई में धारा 35(1) एवं 303(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

संदिग्ध सिल्ली की जांच जारी

पुलिस का मानना है कि यह मेटल देखने में चांदी जैसी होती है और कई बार इसका इस्तेमाल धोखाधड़ी में किया जाता है। संभावना है कि आरोपी किसी बड़े तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह मेटल कहां से लाया गया और कहां भेजा जाना था।

जागरूकता के लिए पुलिस की अपील

रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी कीमती धातु या सामग्री की खरीदारी केवल प्रमाणित विक्रेता से करें और वैध बिल अवश्य लें, ताकि किसी धोखाधड़ी से बचा जा सके।

इस कार्रवाई में टीम की भूमिका

पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह के अलावा, उपनिरीक्षक प्रहलाद राठौर, सउनि गजानंद वर्मा, आरक्षक प्रदीप सिंह यादव, सोहेल अहमद, जगजीत सिंह राजपूत और भरत रात्रे की अहम भूमिका रही।

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