- निःशुल्क ऑपरेशन और कृत्रिम अंग प्रदान कर संस्था ने छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों की जिंदगी में बदलाव लाने का लिया संकल्प

नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित निःशुल्क ऑपरेशन जांच-चयन शिविर ने दिव्यांगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण दिखाई। इस शिविर में 601 से ज्यादा दिव्यांगों ने भाग लिया, जिनमें से 395 का नारायण लिंब और 35 का केलिपर्स लगाने के लिए चयन किया गया।
दिव्यांगों के लिए विशेष सेवाएं
शिविर का उद्घाटन मंत्री टंकराम वर्मा, महापौर मीनल चौबे, विधायक मोती लाल साहू, और अन्य समाजसेवियों द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री वर्मा ने संस्थान की सेवाओं की सराहना की और दिव्यांगों के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। महापौर चौबे और विधायक साहू ने भी दिव्यांगों की शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में संस्थान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
ऑपरेशन और प्रशिक्षण से दिव्यांगों को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का मौका
इस शिविर में दिव्यांगों को न केवल कृत्रिम अंग दिए गए, बल्कि उन्हें स्वावलंबन के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। संस्थान द्वारा 600 असमर्थ बच्चों के लिए नारायण चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल चलाने, सिलाई, कंप्यूटर, मोबाइल, और मेहंदी जैसे प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी गई। शिविर में संस्थान की टीम ने 612 रोगियों का माप लिया और 56 रोगियों का चयन शल्य चिकित्सा के लिए किया।

कृत्रिम अंग से नई जिंदगी की ओर कदम
शिविर में उपयोग किए गए नारायण लिंब की गुणवत्ता और हल्के वजन को देखकर रोगियों ने खुशी जताई। संस्थान ने बताया कि चयनित दिव्यांगों को 2 से 3 महीने बाद पुनः शिविर में नारायण लिंब प्रदान किए जाएंगे। संस्थान की 40 सदस्यीय टीम ने इस शिविर में योगदान दिया और सभी रोगियों को निःशुल्क भोजन एवं अल्पाहार भी प्रदान किया।

संस्था का मिशन और भविष्य की दिशा
नारायण सेवा संस्थान 1985 से ‘नर सेवा-नारायण सेवा’ की भावना से कार्य कर रहा है और अब तक 40,000 से अधिक कृत्रिम अंग वितरित कर चुका है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल की अगुवाई में दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया जा रहा है। संस्थान ने छत्तीसगढ़ के दिव्यांगों के लिए भविष्य में और भी शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस सेवा का लाभ मिल सके।
