नई दिल्ली: नई दिल्ली में संसद के सेंट्रल हॉल में ‘संविधान दिवस’ का भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
संसद के इस ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में सुबह राष्ट्रगान के साथ समारोह की शुरुआत हुई। इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और दोनों सदनों के अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद रहे। इस मौके पर भारतीय संविधान के मूल्यों और उसकी भावना को याद किया गया, साथ ही इसके महत्व पर चर्चा की गई।
संविधान दिवस का महत्व
भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है, जो 1949 में संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अपनाने की याद दिलाता है। इस दिन देश के नागरिकों को संविधान में निहित मूलभूत अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाता है।
गणमान्य व्यक्तियों के संबोधन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में संविधान के आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि देते हुए भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और इसके संस्थानों की मजबूती का उल्लेख किया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी संविधान के महत्व और इसकी सुरक्षा को लेकर विचार रखे।
यह समारोह न केवल भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्सव है, बल्कि देशवासियों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
संवाददाता – बीना बाघ
