छत्तीसगढ़ में शराबबंदी और अपराध पर सियासत तेज, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने सरकार पर साधा निशाना

रायपुर(Raipur) छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है। सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस पार्टी के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश के पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने शराबबंदी और राम राज्य की परिकल्पना को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि राम राज्य का मतलब भयमुक्त शासन से है, जहां अपराध और नशे का कारोबार न हो। भगत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब परोसने की व्यवस्थाएं बढ़ रही हैं, जो राम राज्य की परिकल्पना के खिलाफ है।

धान खरीदी में गड़बड़ी और मॉनिटरिंग पर उठाए सवाल

धान खरीदी को लेकर भी अमरजीत भगत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई धान खरीदी केंद्रों पर अब तक खरीदी शुरू नहीं हुई है, जिससे कालाबाजारी की संभावना बढ़ गई है। भगत का कहना है कि बिचौलिये इस गड़बड़ी का फायदा उठाकर धान खपाने में लगे हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार के मॉनिटरिंग सिस्टम को फेल बताते हुए कहा कि बाहरी राज्यों से आने वाले धान पर रोक लगाने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।

बढ़ते अपराधों पर चिंता, सरकार को समीक्षा की दी सलाह

प्रदेश में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर भगत ने कहा कि सरगुजा से लेकर बस्तर और राजधानी तक हर दिन अपराध हो रहे हैं। लोगों में भय का माहौल है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने सरकार से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और नई रणनीति बनाने की अपील की। भगत ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश के लोग सुरक्षित महसूस करें और अपराध पर प्रभावी रोक लगाई जाए।

संवाददाता – बीना बाघ

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