रुद्र सेना का राष्ट्रीय अभियान शुरू: सनातन संस्कृति, सेवा और सामाजिक जागरूकता को लेकर देशभर में चलेगा अभियान

नई दिल्ली से सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सेवा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से रुद्र सेना के राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुमार नाथ और एमएसएमई के नेशनल वाइस चेयरमैन योगी अशोक नाथ ने रुद्र सेना के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन कर देशभर के युवाओं और समाज के लोगों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो केवल अपने अधिकारों की बात न करें, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहें। रुद्र सेना का उद्देश्य समाज में सेवा, संस्कार, सामाजिक समरसता और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। अभियान के तहत युवाओं को सामाजिक कार्यों, गौसंरक्षण, मठ-मंदिरों की सुरक्षा और जनसेवा से जोड़ने की योजना बनाई गई है।


रुद्र सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडेय ने बताया कि संगठन का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में संत-महात्माओं, महंतों और अखाड़ा परिषद से जुड़े धर्माचार्यों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से जल्द ही विभिन्न राज्यों में प्रदेश, जिला और स्थानीय स्तर पर संगठन की इकाइयों का गठन किया जाएगा। साथ ही व्यापक सदस्यता अभियान भी शुरू किया जाएगा।
अखिल भारतीय हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कुमार नाथ ने कहा कि रुद्र सेना का उद्देश्य समाज को जोड़ना और लोगों में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी का भाव पैदा करना है। उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित और जागरूक होगा, तभी हमारी परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित रह पाएंगी।


वहीं, योगी अशोक नाथ ने कहा कि भारत की पहचान उसकी आध्यात्मिक परंपरा, संत समाज और मंदिरों से है। युवाओं को सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडेय ने कहा कि रुद्र सेना किसी के विरोध का मंच नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने, सेवा की भावना विकसित करने और नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने समाज और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाए, तो एक जागरूक, संगठित और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *