अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग समूह की अनूठी पहल, प्राणायाम और योगासनों से बिखरी सकारात्मक ऊर्जा

इशानी टोटलानी @ रायपुर। राजधानी के प्रमुख आवासीय परिसर ‘सृष्टि इम्पीरियल’ में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का पर्व बेहद उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर परिसर के योग समूह द्वारा एक विशेष सामूहिक योग अभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, मानसिक तनाव को दूर करना और आम जनमानस में नियमित योग के प्रति जागरूकता फैलाना था। आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच खुद को निरोगी रखने के संकल्प के साथ इस सत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी सहभागिता दर्ज की।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन में सीखे योग के गुर
सृष्टि इम्पीरियल में आयोजित इस योग सत्र का कुशल मार्गदर्शन अनुभवी योग साधक सुमित रावत द्वारा किया गया। सत्र की शुरुआत ओम के उच्चारण और वैदिक प्रार्थना के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण अत्यंत शांत और आध्यात्मिक हो उठा। मार्गदर्शक सुमित रावत ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को योग के बुनियादी नियमों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को एक सूत्र में पिरोने का विज्ञान है। उन्होंने हर आयु वर्ग के लिए उपयोगी आसनों की बारीकियों को बेहद सरल तरीके से समझाया।

साधकों ने किया प्राणायाम और कठिन आसनों का अभ्यास
इस विशेष अवसर पर योग समूह की सक्रिय सदस्य सुमन गोपलानी, इशानी टोटलानी, पल्लवी चिमनानी, काम्या बदलानी, आरती मयानी एवं कल्पना जी सहित अन्य साधकों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सूर्य नमस्कार के साथ-साथ विभिन्न महत्वपूर्ण योगासनों जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन और भुजंगासन का अभ्यास किया गया। इसके पश्चात मानसिक शांति और श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का गहन अभ्यास किया गया। सभी प्रतिभागियों ने पूरी तन्मयता के साथ हर क्रिया को दोहराया।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहन विमर्श
योग अभ्यास सत्र के पूर्ण होने के बाद एक संवादात्मक सत्र का आयोजन भी किया गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने मानव जीवन पर योग से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर अपने-अपने अनुभव साझा किए। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज के समय में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों (जैसे डायबिटीज और ब्लड प्रेशर) से बचने के लिए योग ही एकमात्र सर्वोत्तम और प्राकृतिक साधन है। सभी उपस्थित जनों ने इस बात को स्वीकारा कि योग को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

नियमित अभ्यास का संकल्प और सुखद समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सृष्टि इम्पीरियल के योग समूह और उपस्थित सभी नागरिकों ने सामूहिक रूप से यह दृढ़ संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नियमित रूप से योग का अभ्यास करेंगे, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति पाठ और सुखद जीवन की कामना के साथ हुआ। पूरे परिसर में एक नई ऊर्जा, उमंग और सकारात्मकता का संचार देखा गया।
“योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुखद जीवन का आधार है।”
इस प्रेरणादायी संदेश के साथ यह सफल आयोजन संपन्न हुआ, जिसने समाज को सेहतमंद रहने की एक नई राह दिखाई।
